Indian Army Medical Standards भारतीय सेना में शामिल होना हर युवा का सपना होता है इस Gols को पुरा करने के लिए हमें बहुत मुश्किलों से गुजरना पड़ता है NDA, CDS, TES, TGC या SSB इंटरव्यू में सफलता के बाद आपका अंतिम पड़ाव मेडिकल टेस्ट होता है आपसे फिजिकल और मेडिकल पास नहीं होता है तो यही Stop 🛑 हो जाते हैं इसलिए सही जानकारी हम आपके लिए लेकर आये है भारतीय सेना के फिजीकल में जरुरी जानकारी।
भारतीय सेना में नौकरी के लिए जरूरी जानकारी
Indian Army Medical Standards हर साल भारतीय सेना में भर्ती होती है पहले Exam Paas Important है लिखित एग्जाम पास करने के बाद Fiscal & Medical होता है सबसे कठिन पडा़व होता है इसे पास करना बहुत मुश्किल होता है कई बार अच्छे उम्मीदवार सिर्फ इसलिए असफल हो जाते हैं क्योंकि उन्हें आर्मी के मेडिकल स्टैंडर्ड्स की जानकारी नहीं होती। आमी ऑफिसर को हर हालात में फिट रहना पड़ता है। यही कारण है कि मेडिकल जांच बहुत गहराई से की जाती है। इसके प्रमुख कारण है आज जानते हैं

Height Vate और सीना Complete 📏💪
भारतीय सेना के अनुसार Indian Army Medical Standards में ऊँचाई, वजन और सीने की माप के स्पष्ट मानक तय किए गए हैं अगर आप इनमें से किसी में भी कमी आ गयी तो सारी मेहनत पर पानी फिर जायेगा इसलिए एक एक Rules को अच्छे से समझे
- ऊँचाई: पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 157 सेमी और महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 152 सेमी।
- वजन: ऊँचाई के अनुसार तय चार्ट के भीतर होना चाहिए।
- सीना (पुरुषों के लिए): न्यूनतम 77 सेमी और फुलाने पर 5 सेमी विस्तार अनिवार्य।
गढ़वाल, कुमाऊं, उत्तर-पूर्व और पर्वतीय इलाकों के उम्मीदवारों को अधिकतम 10% की छूट मिल सकती है।
बॉडी मास इंडेक्स (BMI) भी Indian Army Medical Standards 2025 के अनुरूप होना चाहिए।
आंखों की पूरी जांच 👀🔎
Indian Army Medical Standards इसलिए है क्योंकि इसमें हमारी सब जांच होती है इसलिए बहुत से छात्र इसमें बाहर कर दिये जाते हैं इसलिए आपको सब चीज का बराबर ध्यान रखना है किसी में Fail नहीं होना है।
भारतीय सेना में तीखी और स्पष्ट दृष्टि अनिवार्य है क्योंकि पुरे देश की जिम्मेदारी आपके हाथों में होती है मान लीजिए आपकी आंखों में कमजोरी हो गलती से दुश्मन आपको नज़र नहीं आये तो आपको पता है आक्रमण हो जायेगा इसलिए ये Perfect होनी चाहिए।
- बिना चश्मे के दृष्टि 6/6 या 6/9 होनी चाहिए।
- चश्मे के साथ 6/6 की विजन होनी चाहिए।
- मायोपिया (नज़दीक का न दिखना) -2.5 D से अधिक नहीं।
- रंग पहचानने की क्षमता सामान्य होनी चाहिए।
- LASIK/PRK जैसी सर्जरी 20 वर्ष की आयु के बाद मान्य है, लेकिन 6 महीने का गैप जरूरी है।
- Indian Army Medical Standards के अनुसार आंखों की कमजोरी सीधे रिजेक्शन का कारण बन सकती है।
हड्डियों और शरीर की बनावट एकदम स्वस्थ हो
हड्डियों की मजबूती और शरीर की संरचना का विशेष महत्व है हम जो कुछ है हमारे शरीर पर निर्भर है जिस तरह देश देश की सेना पर टिका है उस तरह हमारा शरीर भी Fit होना चाहिए ।
- शरीर का ढांचा मजबूत और संतुलित होना चाहिए।
- पैरों का आकार सामान्य होना चाहिए; फ्लैट फुट या नॉक-नी जैसी समस्याएं रिजेक्शन का कारण बनती हैं।
- रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए, स्कोलियोसिस जैसी विकृतियां अस्वीकृति ला सकती हैं।
- छाती का आकार उम्र और लंबाई के अनुसार होना चाहिए।
- किसी प्रकार का हड्डी का फ्रैक्चर या पुराने ऑपरेशन के निशान विस्तृत जांच के बाद ही स्वीकार किए जाएंगे।
ये सब Complete होने चाहिए थोड़ी सी भी कमी सेना में भर्ती होने से रोक सकती है।
टैटू पॉलिसी पर पाबंदी है
Indian Army Medical Standards आपको पता है आजकल लड़के लड़कियों के Tetu बनवाने का शौक बनता जा रहा है पर क्या आपका पता नहीं है ये भविष्य में आपके लिए खतरा बन सकता है जब आप भारतीय सेना में भर्ती के लिए जावेगो तो Rejected कर दियें जायेंगे।
- भारतीय सेना में टैटू को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं।
- टैटू सिर्फ बाहों के अंदरूनी हिस्से (कोहनी से कलाई तक) या हाथ की पीठ पर धार्मिक और पारंपरिक डिजाइन तक ही स्वीकार हैं।
- पूरे शरीर पर फैला बड़ा टैटू Indian Army Medical Standards के अनुरूप नहीं है।
- आपत्तिजनक, आपराधिक या विवादित टैटू वाले उम्मीदवार अस्वीकृत किए जाते हैं।
इसलिए आपको इन Tetu के क्रेज से बचना है और साथ वाले अपने जानकार को भी इस बात के लिए सूचित करना ताकि वो भी आने वाले Time में Tatu कभी नहीं बनवायें
दांत और मसूड़े
Indian Army Medical Standards
दांतों की सेहत भारतीय सेना में फिटनेस का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उम्मीदवार के पास कम से कम 14 दांत पॉइंट होने चाहिए इससे कम नहीं होने चाहिए नहीं तो आप Rejected कर दियें जायेंगे
पूरे मुंह में 22 पॉइंट तक दांत होने पर उम्मीदवार फिट माना जाता है।
पायरिया, मसूड़ों से खून आना या अन्य गंभीर बीमारियां सीधे रिजेक्शन का कारण बन सकती हैं।
इन सभी बातों को ध्यान रखना अगर इसमें 1 भी कमी आपके अंदर नहीं होनी चाहिए अगर हो तो पहले ठीक करवा लेना उसके बाद फिजिकल के लिए जाना ।
कान, नाक और गला (ENT) 🩺👂
दोनों कानों से 6 मीटर की दूरी तक स्पष्ट सुनाई देना चाहिए।
यानि आप से काई व्यक्ति 18 Feet दुर खड़ा है वहा से आपका आवाज लगाता है और आपको सुनाई नहीं देगा तो आपके कानों में Problem है इसलिए 18 Feet तक Complete सुनाई देना चाहिए
नाक में कोई बड़ा पॉलिप, गंभीर एलर्जी या साइनस की समस्या नहीं होनी चाहिए।
गले में टॉन्सिल की गंभीर समस्या, आवाज में खड़खड़ाहट या कोई ट्यूमर अस्वीकृति का कारण है।
इसलिए इन सबको को बारिकियों से ध्यान में रखते हुए सही रखना नहीं तो आपको पता छोटी सी गलती बहुत गहरी चोट दे जाती है ।
इसके अलावा भी कई जांच होती है जरूरी टेस्ट 🧪🩸
इन मुख्य जांचों के अलावा भी कई टेस्ट किए जाते हैं—
ब्लड टेस्ट: हीमोग्लोबिन, शुगर लेवल, थैलेसीमिया, हेपेटाइटिस।
यूरिन टेस्ट: इंफेक्शन, डायबिटीज, प्रोटीन लेवल।चेस्ट एक्स-रे: फेफड़ों की क्षमता, किसी तरह का संक्रमण या क्षय रोग।
स्ट्रेस टेस्ट: दिल की धड़कन और सहनशक्ति की जांच।
सब आपको Complete रखनी है अगर इनमें से किसी एक की भी बिमारी है तो आप भारतीय सेना से बाहर मतलब Rejected कर दियें जायेंगे।
अस्थायी (Temporary) और स्थायी (Permanent) रिजेक्शन 🚫
Temporary Rejection: ऐसे उम्मीदवार जिन्हें अस्थायी बीमारी (जैसे वजन कम-ज्यादा, चोट, खून की कमी) के कारण रिजेक्ट किया जाता है। उन्हें 42 दिन बाद दोबारा टेस्ट का मौका मिलता है।
Permanent Rejection: गंभीर बीमारियां जैसे हृदय रोग, किडनी की समस्या, स्थायी दृष्टि दोष या सुनने की समस्या पर स्थायी अस्वीकृति दी जाती है।
Note दोस्तो इन सब बातों को ध्यान रखना हल्के में मत लेना नहीं तो Rejected कर दियें जायेंगे इतने दिन तैयारी करी सब पर पानी फिर जायेगा
Selection Process Medical Important
NDA, CDS, TES या SSB इंटरव्यू में सफल होने के बाद Indian Army Medical Standards की जांच अंतिम और निर्णायक चरण है। यहां थोड़ी सी भी लापरवाही आपके पूरे प्रयास को खत्म कर सकती है।उम्मीदवारों को पहले से ही स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मेडिकल चेकअप जरूरी है।आंखों, दांतों और कान की समस्या होने पर पहले से इलाज कराएं।
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Indian Army Medical Standards – FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) ❓🪖
1️⃣ प्रश्न: भारतीय सेना में भर्ती के लिए न्यूनतम ऊँचाई कितनी होनी चाहिए?
उत्तर: Indian Army Medical Standards 2025 के अनुसार पुरुषों के लिए न्यूनतम 157 सेमी और महिलाओं के लिए 152 सेमी ऊँचाई अनिवार्य है। पर्वतीय व जनजातीय क्षेत्रों के उम्मीदवारों को 5–10% तक की छूट मिल सकती है।
2️⃣ प्रश्न: मेडिकल टेस्ट से पहले कौन-कौन से दस्तावेज़ जरूरी हैं?
उत्तर: आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, लिखित परीक्षा/SSB का कॉल लेटर, और सभी मेडिकल रिपोर्ट्स जैसे चश्मे का पावर (यदि है) साथ लाना अनिवार्य है।
3️⃣ प्रश्न: क्या चश्मा लगाने वाले उम्मीदवार भारतीय सेना में शामिल हो सकते हैं?
उत्तर: हां, यदि बिना चश्मे की दृष्टि न्यूनतम 6/6 या 6/9 और चश्मे के साथ 6/6 है, तथा मायोपिया -2.5 D से अधिक नहीं है तो उम्मीदवार Indian Army Medical Standards 2025 के अनुसार फिट माने जाएंगे।
4️⃣ प्रश्न: टैटू पर भारतीय सेना की क्या पॉलिसी है?
उत्तर: धार्मिक और पारंपरिक टैटू केवल बाहों के अंदरूनी हिस्से (कोहनी से कलाई तक) या हाथ की पीठ पर ही स्वीकार हैं। पूरे शरीर पर बड़े टैटू या आपत्तिजनक डिजाइन रिजेक्शन का कारण बनेंगे।
5️⃣ प्रश्न: अगर वजन मानक से कम या ज्यादा हो तो क्या होगा?
उत्तर: वजन ऊँचाई के अनुसार होना चाहिए। असंतुलित वजन पर “Temporary Rejection” दिया जाता है और उम्मीदवार को 42 दिन बाद पुनः जांच का मौका मिलता है।
6️⃣ प्रश्न: क्या स्कोलियोसिस या रीढ़ की हड्डी में समस्या वाले उम्मीदवार भर्ती हो सकते हैं?
उत्तर: नहीं, रीढ़ की हड्डी सीधी और मजबूत होनी चाहिए। स्कोलियोसिस, कूबड़ या गंभीर चोट Indian Army Medical Standards में अस्वीकृति का कारण है।
7️⃣ प्रश्न: दांतों के लिए न्यूनतम कितने पॉइंट जरूरी हैं?
उत्तर: कम से कम 14 दांत पॉइंट होना अनिवार्य है। पूरे मुंह में 22 पॉइंट तक दांत होने पर उम्मीदवार को पूरी तरह फिट माना जाता है।
8️⃣ प्रश्न: कान और सुनने की जांच में क्या देखा जाता है?
उत्तर: दोनों कानों से 6 मीटर दूरी तक स्पष्ट सुनाई देना चाहिए। किसी भी प्रकार का कान का संक्रमण, परफोरेशन या गंभीर साइनस समस्या रिजेक्शन का कारण बन सकती है।
9️⃣ प्रश्न: LASIK/PRK सर्जरी करवाने वाले उम्मीदवार फिट माने जाएंगे?
उत्तर: हां, यदि सर्जरी 20 वर्ष की उम्र के बाद हुई हो और कम से कम 6 महीने का गैप हो चुका हो, तो Indian Army Medical Standards 2025 में उम्मीदवार फिट माने जा सकते हैं।
🔟 प्रश्न: Permanent Rejection किन कारणों से मिलता है?
उत्तर: गंभीर बीमारियां जैसे हृदय रोग, किडनी की समस्या, स्थायी दृष्टि दोष, सुनने की क्षमता में भारी कमी, या अन्य असाध्य बीमारियां Indian Army Medical Standards के तहत स्थायी अस्वीकृति (Permanent Rejection) का कारण हैं।
