
12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे (IST) अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए टेक‑ऑफ हुआ यह विमान AI171 था ।विमान और यात्री: यह एक बोइंग 787‑8 ड्रीमलाइनर (पूंजी पहचान VT‑ANB) था, जिसमें 242 लोग सवार थे – 230 यात्री और 12 चालक दल ।🎯 दुर्घटना कि हालतटेक‑ऑफ के तुरंत बाद, केवल लगभग 30–50 सेकंड उड़ने के बाद विमान मेघानी नगर के पास स्थित बी.जे. मेडिकल कॉलेज छात्रावास समेत घनी आबादी वाले क्षेत्र में गिर गया ।फ़्लाइट ने मेयडे कॉल भेजा, लेकिन तुरंत इसके बाद रडार और एयर ट्रैफिक कन्ट्रोल से संपर्क टूट गया, अनुमानतः विमान मात्र 625 फीट की ऊँचाई पर था Black Box Kya Hai CVR और क्रैश की जांच में सबसे अहम क्यों?
आखिरकार कैसे पता चलेगा अहमदाबाद प्लेन क्रेस के बारे में पुरी जानकारी

ब्लैक बॉक्स की जांच के आधार पर करीब 15 दिन में हादसे की डिटेल्ड रिपोर्ट आ सकती है।
Black Box Kya Hai CVR और क्रैश की जांच में सबसे अहम क्यों
किसी भी विमान हादसे की जांच में सबसे अहम भूमिका ब्लैक बॉक्स की होती है। इसे ऐसे डिजाइन किया जाता है कि खतरनाक क्रैश होने के बावजूद भी कोई नुकसान न हो और ये सुरक्षित रहे। ब्लैक बॉक्स के बिना जांचकर्ताओं को यह समझना मुश्किल होता कि हादसा क्यों हुआ। यह पायलट की गलती, तकनीकी खराबी, मौसम या बाहरी हमलों को पहचानने में मदद करता है।
कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर क्या होता है और ये कितना अहम
कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर यानी CVR एक छोटा, मजबूत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो विमान के कॉकपिट में होने वाली सभी आवाजों को रिकॉर्ड करता है। यह ब्लैक बॉक्स का हिस्सा होता है और इसका रंग भी चमकीला नारंगी होता है। इसमें पायलट और क्रू के बीच की बातचीत, पैसेंजर की बीच की बातचीत और पायलट की एयर ट्रैफिक कंट्रोल से होने वाली बातचीत रिकॉर्ड होती है।CVR हर रिकॉर्डिंग के साथ समय और तारीख भी रिकॉर्ड करता है, ताकि जांचकर्ता यह समझ सकें कि घटना कब और किस तरह हुई। आमतौर पर कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर को विमान के सबसे पिछले हिस्से में फिट किया जाता है, क्योंकि माना जाता है कि ये हिस्सा सबसे आखिर में हादसे का शिकार होता है।

CVR कितना मजबुत होता है
CVR को बहुत मजबूत बनाया जाता है ताकि यह क्रैश, आग, पानी, या भारी दबाव में भी सुरक्षित रहे। यह स्टील या टाइटेनियम के डिब्बे में बंद होता है और इसे 3,400 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी, 5,000 G फोर्स तक का झटका और समुद्र में 20,000 फीट की गहराई तक का दबाव सहन करने के लिए डिजाइन किया जाता है।

CVR 5 तरह से काम करता है
1 माइक्रोफोन
CVR कॉकपिट में लगे कई माइक्रोफोन्स से आवाजें कैप्चर करता है। ये माइक्रोफोन आमतौर पर कॉकपिट की छत, पायलटों के हेडसेट और अन्य जगहों पर लगे होते हैं।रिकॉर्डिंग सिस्टम: CVR में एक मेमोरी यूनिट होती है जो डिजिटली ऑडियो डेटा स्टोर करती है। पुराने CVR में टेप का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब आधुनिक CVR पूरी तरह डिजिटल हैं।
लूप रिकॉर्डिंग
CVR लगातार रिकॉर्ड करता है, लेकिनयह एक ‘लूप’ सिस्टम पर काम करता है। यानी यह सिर्फ आखिरी 2 घंटे की रिकॉर्डिंग रखता है। पुरानी रिकॉर्डिंग अपने आप मिट जाती है और नई रिकॉर्डिंग उसकी जगह ले लेती है।पावर सप्लाई: CVR को विमान की बिजली से पावर मिलती है, लेकिन इसमें बैकअप बैटरी भी होती है जो क्रैश के बाद भी कुछ समय तक काम करती है।
लूप रिकॉर्डिंग
CVR लगातार रिकॉर्ड करता है, लेकिनयह एक ‘लूप’ सिस्टम पर काम करता है। यानी यह सिर्फ आखिरी 2 घंटे की रिकॉर्डिंग रखता है। पुरानी रिकॉर्डिंग अपने आप मिट जाती है और नई रिकॉर्डिंग उसकी जगह ले लेती है।
पावर सप्लाई
CVR को विमान की बिजली से पावर मिलती है, लेकिन इसमें बैकअप बैटरी भी होती है जो क्रैश के बाद भी कुछ समय तक काम करती

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