अहमदाबाद प्लेन क्रेस कैसे हुआ जानकारी: Black Box Kya Hai CVR और क्रैश की जांच में सबसे अहम क्यों?

Black Box Kya Hai CVR

आखिरकार कैसे पता चलेगा अहमदाबाद प्लेन क्रेस के बारे में पुरी जानकारी

Black Box Kya Hai CVR

ब्लैक बॉक्स की जांच के आधार पर करीब 15 दिन में हादसे की डिटेल्ड रिपोर्ट आ सकती है।

किसी भी विमान हादसे की जांच में सबसे अहम भूमिका ब्लैक बॉक्स की होती है। इसे ऐसे डिजाइन किया जाता है कि खतरनाक क्रैश होने के बावजूद भी कोई नुकसान न हो और ये सुरक्षित रहे। ब्लैक बॉक्स के बिना जांचकर्ताओं को यह समझना मुश्किल होता कि हादसा क्यों हुआ। यह पायलट की गलती, तकनीकी खराबी, मौसम या बाहरी हमलों को पहचानने में मदद करता है।

कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर यानी CVR एक छोटा, मजबूत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो विमान के कॉकपिट में होने वाली सभी आवाजों को रिकॉर्ड करता है। यह ब्लैक बॉक्स का हिस्सा होता है और इसका रंग भी चमकीला नारंगी होता है। इसमें पायलट और क्रू के बीच की बातचीत, पैसेंजर की बीच की बातचीत और पायलट की एयर ट्रैफिक कंट्रोल से होने वाली बातचीत रिकॉर्ड होती है।CVR हर रिकॉर्डिंग के साथ समय और तारीख भी रिकॉर्ड करता है, ताकि जांचकर्ता यह समझ सकें कि घटना कब और किस तरह हुई। आमतौर पर कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर को विमान के सबसे पिछले हिस्से में फिट किया जाता है, क्योंकि माना जाता है कि ये हिस्सा सबसे आखिर में हादसे का शिकार होता है।

Black Box Kya Hai CVR

CVR को बहुत मजबूत बनाया जाता है ताकि यह क्रैश, आग, पानी, या भारी दबाव में भी सुरक्षित रहे। यह स्टील या टाइटेनियम के डिब्बे में बंद होता है और इसे 3,400 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी, 5,000 G फोर्स तक का झटका और समुद्र में 20,000 फीट की गहराई तक का दबाव सहन करने के लिए डिजाइन किया जाता है।

Black Box Kya Hai CVR

CVR कॉकपिट में लगे कई माइक्रोफोन्स से आवाजें कैप्चर करता है। ये माइक्रोफोन आमतौर पर कॉकपिट की छत, पायलटों के हेडसेट और अन्य जगहों पर लगे होते हैं।रिकॉर्डिंग सिस्टम: CVR में एक मेमोरी यूनिट होती है जो डिजिटली ऑडियो डेटा स्टोर करती है। पुराने CVR में टेप का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब आधुनिक CVR पूरी तरह डिजिटल हैं।

CVR लगातार रिकॉर्ड करता है, लेकिनयह एक ‘लूप’ सिस्टम पर काम करता है। यानी यह सिर्फ आखिरी 2 घंटे की रिकॉर्डिंग रखता है। पुरानी रिकॉर्डिंग अपने आप मिट जाती है और नई रिकॉर्डिंग उसकी जगह ले लेती है।पावर सप्लाई: CVR को विमान की बिजली से पावर मिलती है, लेकिन इसमें बैकअप बैटरी भी होती है जो क्रैश के बाद भी कुछ समय तक काम करती है।

CVR लगातार रिकॉर्ड करता है, लेकिनयह एक ‘लूप’ सिस्टम पर काम करता है। यानी यह सिर्फ आखिरी 2 घंटे की रिकॉर्डिंग रखता है। पुरानी रिकॉर्डिंग अपने आप मिट जाती है और नई रिकॉर्डिंग उसकी जगह ले लेती है।

CVR को विमान की बिजली से पावर मिलती है, लेकिन इसमें बैकअप बैटरी भी होती है जो क्रैश के बाद भी कुछ समय तक काम करती

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